
Suno, Tum Tum hi rehna by Ekta Nahar
Tum Tum hi rehna... mein tum ho jaungi... ! प्रेम, किसी को पाने से ज़्यादा, किसी के हो जाने का भाव है... स्वार्थरहित भाव, मैं तुम हो जाउंगी, मैं पृथ्वी, चट्टान, अर्थहीन, तपस्या में, मोहरा, सर्वनाम, व खाली सड़क...। पर मेर






















