
Episode #87
महाशिवरात्रि (Mahashivratri)
<p>अलौकिक पर्व है आया, ख़ुशी हर ओर छाई है।</p><p>महादेवी सदाशिव के, मिलन की रात आई है॥</p><p>धवल तन नील ग्रीवा में, भुजंगों की पड़ी माला।</p><p>सुसज्जित सोम मस्तक पर, जटा गंगा समाई है॥</p><p>सवारी बैल नंदी की, चढ़ी बारात भूतों की।</p><p>वहीँ गन्धर्व यक्षों ने, मधुर वीणा बजाई है॥</p><p>पुरोहित आज ब्रह्मा हैं, बड़े भ्राता हैं नारायण।</p><p>हिमावन तात माँ मैना, को जोड़ी खूब भाई है॥</p><p>अटारी चढ़ निहारे हैं, भवानी चंद्रशेखर को।</p><p>मिली आँखों से जब आँखें, वधू कैसी लजाई है॥</p><p>अनूठा आज मंगल है, महाशिवरात्रि उत्सव का।</p><p>सकल संसार आनंदित, बधाई है बधाई है॥</p><p>जगत कल्याण करने को, सदा तत्पर मेरे भोले।</p><p>हलाहल विष पिया हँस कर, धरा सारी बचाई है॥</p><p>नमन श्रद्धा सहित मेरा, करो स्वीकार चरणों में। </p><p>समर्पित शक्ति-औ-शिव को, ग़ज़ल ‘अवि’ ने बनाई है॥</p><p>-----------------</p><p>Lyrics - Vivek Agarwal Avi</p><p>Music & Vocal - Suno AI</p><p>You can write to me at HindiPoemsByVivek@gmail.com</p>






