
#443 - जीवन की उलझन से बाहर कैसे निकलें
जीवन की उलझी डोर कैसे सुलझाएं? सद्गुरु थोड़े अचंभित हैं कि जब जीवन की डोर के दोनों सिरों को फिक्स कर दिया गया है, तो भला उसमें इतनी गांठें कैसे लग सकती हैं? वो बता रहे हैं कि गाठों के होने का आभास और उन्हें खोलने की कोशि








