
कठिन परिस्थियों में सकारात्मक रहने की कला -जया किशोरी।
आइए जानते हैं कि किस प्रकार जया किशोरी जी ने कठिन परिस्थियों में सकारात्मक रहने की कला को परिभाषित किया है आप कहती हैं कि नकारात्मक विचार आना स्वाभाविक है किन्तु उन्हें किस दिशा में मोड़ना हैं अपने हाथ होता है हमेशा नकार








